गजल... must read this touching gazal

: यादों के जैसे तुम क्यों साथ दिन- रात नहीं होती गुरुर ना करना क्या सुबह की रात नहीं होती : वो मालिक गर ठान ले तबाह करना जो किसी को कही ...
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मैं अकली हुँ फिर भी मैं हुँ

[10/01 11:08 am] Monakhaan: मैं अकेली हूं लेकिन फिर भी मैं हूं मैं सब कुछ नहीं कर सकती लेकिन मैं कुछ तो कर सकती हूं और सिर्फ इसलिए कि मैं ...
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अपनी खुशी में आस्था रखें

[10/01 2:11 pm] Monakhaan: जिस चीज में आप विश्वास करते हैं जो चीज आप के मन में चलती रहती है वही आप की दुनिया की हकीकत है [ : डे बुक ऑफ ...
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